Advertisement

दो सिम रखने वालों को नहीं होगी टेंशन, सिर्फ 20 रुपये में रख सकेंगे एक्टिव TRAI New Rule

TRAI New Rule  वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। तकनीकी विकास के साथ-साथ, आज के स्मार्टफोन में दो सिम कार्ड का उपयोग करना आम बात हो गई है।

अधिकांश उपयोगकर्ता अपने प्राइमरी सिम का इस्तेमाल नियमित कॉलिंग, मैसेजिंग और इंटरनेट डेटा के लिए करते हैं, जबकि दूसरे सिम को वे बैकअप के रूप में या विशेष उद्देश्यों के लिए रखते हैं।

लेकिन इस सेकेंडरी सिम को एक्टिव रखना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता था, क्योंकि इसके लिए नियमित रूप से महंगे रिचार्ज की आवश्यकता होती थी। उपभोक्ताओं की इस समस्या को समझते हुए, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण नियम परिवर्तन किया है।

Also Read:
बड़ी खुशखबरी! 1 अप्रैल से सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, जानें क्या है नई रेट? Petrol Diesel Price:

इस नए नियम के अनुसार, अब सेकेंडरी सिम को बिना बार-बार महंगे रिचार्ज के भी एक्टिव रखा जा सकेगा। आइए इस नए नियम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करें और समझें कि यह उपभोक्ताओं के लिए किस प्रकार फायदेमंद साबित होगा।

TRAI का नया नियम: सेकेंडरी सिम उपयोगकर्ताओं के लिए राहत

TRAI ने अपने हालिया फैसले में सेकेंडरी सिम उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। नए नियम के तहत:

90 दिन का मापदंड

पहले के नियमों के अनुसार, सिम कार्ड को एक्टिव रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को नियमित रूप से रिचार्ज करना पड़ता था। लेकिन अब, TRAI के नए नियम के अनुसार, यदि कोई सिम कार्ड 90 दिनों तक उपयोग में नहीं आता है, तभी उसे डिएक्टिवेट किया जा सकता है। यह 90 दिनों की अवधि उपयोगकर्ताओं को अपने सिम कार्ड का कभी-कभार उपयोग करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करती है।

Also Read:
या दिवशी शेतकऱ्यांना मिळणार 19व्या हप्त्याचे 4000 हजार रुपये. 19th installment

20 दिन का अतिरिक्त समय

TRAI के नए नियम के अनुसार, 90 दिनों के बाद भी सिम कार्ड को तुरंत डिएक्टिवेट नहीं किया जाएगा। टेलीकॉम कंपनियां डिएक्टिवेशन से पहले उपयोगकर्ता को 20 दिनों का अतिरिक्त समय देंगी। यह अतिरिक्त समय उपयोगकर्ताओं को अपने सिम कार्ड को रिचार्ज करके एक्टिव रखने का एक और मौका देता है।

बैलेंस वाले सिम के लिए विशेष प्रावधान

नए नियम में, यदि सिम कार्ड में कुछ बैलेंस शेष है, तो टेलीकॉम कंपनी 30 दिनों के लिए 20 रुपये काटकर उस सिम को एक्टिव रख सकती है। यह प्रावधान विशेष रूप से उन उपयोगकर्ताओं के लिए फायदेमंद है, जो अपने सेकेंडरी सिम का कम उपयोग करते हैं लेकिन फिर भी उसे एक्टिव रखना चाहते हैं। 20 रुपये के इस न्यूनतम शुल्क से, उपयोगकर्ता बिना महंगे रिचार्ज के अपने सिम को चालू रख सकते हैं।

डिएक्टिवेशन के बाद की प्रक्रिया और ग्रेस पीरियड

यदि 90 दिनों के बाद और 20 दिनों के अतिरिक्त समय के बावजूद सिम कार्ड का उपयोग नहीं किया जाता है, तो टेलीकॉम कंपनी उसे डिएक्टिवेट कर सकती है। लेकिन TRAI ने डिएक्टिवेशन के बाद भी उपयोगकर्ताओं के हितों का ध्यान रखा है:

Also Read:
पहला लोन चुकाए बिना क्या दूसरा लोन मिलेगा? जानिए पूरी जानकारी Loan EMI Bounce

15 दिन का ग्रेस पीरियड

डिएक्टिवेशन के बाद भी, उपयोगकर्ताओं को अपने सिम कार्ड को पुनः सक्रिय करने के लिए 15 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलेगा। इस अवधि के दौरान, वे कस्टमर सर्विस से संपर्क करके या किसी टेलीकॉम स्टोर पर जाकर अपने नंबर को फिर से चालू करवा सकते हैं।

नंबर रीसाइक्लिंग

यदि ग्रेस पीरियड में भी सिम कार्ड को पुनः सक्रिय नहीं किया जाता, तो टेलीकॉम कंपनी उस मोबाइल नंबर को किसी अन्य ग्राहक को रीसाइकिल कर सकती है। यह प्रक्रिया मोबाइल नंबरों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करती है।

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0: डिजिटल भारत की नई पहल

TRAI के नए नियमों के अलावा, भारत सरकार ने ‘राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0’ भी लॉन्च किया है। यह मिशन देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

Also Read:
जिओ ने लांच किए अपने सस्ते रिचार्ज प्लान अब मिलेगा अनलिमिटेड कालिंग के साथ OTT का मजा Jio Recharge New Plan 2025

2030 तक 2.70 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर

मिशन का प्राथमिक लक्ष्य वर्ष 2030 तक 2.70 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाना है। यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

महत्वपूर्ण संस्थानों को जोड़ना

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 के अंतर्गत, ग्रामीण इलाकों के स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और पंचायत कार्यालयों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 से डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ई-कॉमर्स और ई-लर्निंग जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा।

Also Read:
राशन कार्ड वालों की बल्ले बल्ले! 1 अप्रैल से फ्री राशन के साथ मिलेंगे 1000 रुपये Ration Card News

संचार साथी ऐप: सिम प्रबंधन का डिजिटल समाधान

डिजिटल भारत पहल का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है ‘संचार साथी’ ऐप, जिसे हाल ही में सरकार द्वारा लॉन्च किया गया है। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को उनके सिम और मोबाइल नंबर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

सिम स्टेटस चेक

संचार साथी ऐप के माध्यम से, उपयोगकर्ता अपनी सिम की वर्तमान स्थिति जांच सकते हैं। वे देख सकते हैं कि उनका सिम एक्टिव है या डिएक्टिवेशन के खतरे में है।

डिएक्टिवेशन और रिचार्ज समस्याओं का समाधान

ऐप उपयोगकर्ताओं को सिम डिएक्टिवेशन और रिचार्ज से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रदान करता है। वे ऐप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

Also Read:
Airtel ग्राहकों की बल्ले-बल्ले! 84 दिनों वाले 3 नए प्लान में मिलेगा सबकुछ फ्री Airtel 84 Days Recharge Plan

अन्य टेलीकॉम सुविधाओं का लाभ

संचार साथी ऐप उपयोगकर्ताओं को टेलीकॉम सेवाओं से जुड़ी अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने में भी मदद करता है। यह ऐप टेलीकॉम सेक्टर में डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।

TRAI के नए नियमों और डिजिटल पहलों के लाभ

TRAI के नए नियम और सरकार की डिजिटल पहलें कई तरह से फायदेमंद हैं:

1. आर्थिक बचत

नए नियम के तहत, सेकेंडरी सिम उपयोगकर्ताओं को अब बार-बार महंगे रिचार्ज नहीं करवाने होंगे। यदि सिम में बैलेंस है, तो मात्र 20 रुपये में वह 30 दिनों के लिए एक्टिव रहेगा। यह उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी आर्थिक बचत है।

Also Read:
2 मिनट पहले आई खुशखबरी, 10 मार्च से सस्ता गैस सिलेंडर के दाम gas cylinder prices

2. अतिरिक्त समय और सुविधा

90 दिनों के अनुपयोग के बाद भी, उपयोगकर्ताओं को 20 दिनों का अतिरिक्त समय और डिएक्टिवेशन के बाद 15 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलता है। यह लचीलापन उपयोगकर्ताओं को अपने सिम का प्रबंधन करने में मदद करता है।

3. पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण

नए नियम सिम डिएक्टिवेशन और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाते हैं। उपयोगकर्ताओं को अपने अधिकारों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलती है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

4. बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 से देश, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यह ई-गवर्नेंस, ई-शिक्षा और ई-स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को बढ़ावा देगा।

Also Read:
लोन EMI न भरने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, जानें क्या होगा असर Pay Loan EMI

5. सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं

संचार साथी ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को सुविधाजनक और कुशल सेवाएं प्रदान करते हैं। वे अपने सिम से जुड़ी जानकारी और सेवाओं को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।

TRAI के नए नियमों के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

TRAI के नए नियम न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं को लाभ पहुंचाते हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं:

डिजिटल समावेशन को बढ़ावा

नए नियम और डिजिटल पहलें डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ और किफायती हों।

Also Read:
23वीं किस्त की तिथि और ₹1250 की मदद कैसे पाएं Ladli Behna Yojana

ग्रामीण क्षेत्रों का सशक्तिकरण

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 ग्रामीण क्षेत्रों के डिजिटल सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह ग्रामीण-शहरी डिजिटल विभाजन को कम करने में मदद करेगा।

डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

बेहतर टेलीकॉम नियम और व्यापक इंटरनेट कनेक्टिविटी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे। इससे ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार होगा।

नौकरियों और रोजगार के अवसरों का सृजन

डिजिटल क्षेत्र के विस्तार से नौकरियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। टेलीकॉम, आईटी और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

Also Read:
BSNL का 48 रुपये वाला सस्ता रिचार्ज प्लान, 30 दिनों की वैधता के साथ शानदार ऑफर BSNL Recharge Plan

TRAI के नए नियम सेकेंडरी सिम उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी राहत हैं। ये नियम उपयोगकर्ताओं को आर्थिक बचत, अतिरिक्त समय और बेहतर सेवाएं प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 और संचार साथी ऐप जैसी पहलें डिजिटल भारत के विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

यदि आप भी दो सिम कार्ड का उपयोग करते हैं, तो TRAI के नए नियम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। अब आप बिना महंगे रिचार्ज के भी अपने सेकेंडरी सिम को एक्टिव रख सकते हैं और डिजिटल सेवाओं का निर्बाध लाभ उठा सकते हैं।

सरकार की ये पहलें न केवल उपयोगकर्ताओं को लाभ पहुंचाती हैं, बल्कि देश के समग्र डिजिटल परिवर्तन में भी योगदान देती हैं। वे एक ऐसे भारत के निर्माण में सहायक हैं, जहां डिजिटल सेवाएं सभी नागरिकों के लिए सुलभ, किफायती और उपयोगकर्ता-अनुकूल हों।

Also Read:
जिओ का 175 वाला नया रिचार्ज प्लान, मिलेगा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का लाभ Jio Recharge Plans

टेलीकॉम सेक्टर में ये सुधार डिजिटल भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। वे न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रदान करते हैं, बल्कि भविष्य के डिजिटल विकास के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करते हैं।

Leave a Comment

Whatsapp Group