Loan EMI Bounce आज के आर्थिक माहौल में, अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों से निपटने के लिए कई लोग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन लेने का विकल्प चुनते हैं। हालांकि, जब पहले से लिया गया लोन बकाया हो, तो एक नया लोन प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
क्या यह संभव है कि आप एक लोन का भुगतान किए बिना दूसरा लोन प्राप्त कर सकें? इस लेख में, हम इस महत्वपूर्ण वित्तीय प्रश्न का विस्तार से विश्लेषण करेंगे और आपको बताएंगे कि अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
बहु-लोन की वास्तविकता: क्या है संभव?
वित्तीय संस्थान आमतौर पर ग्राहकों को एक साथ कई लोन प्रदान करने में हिचकिचाते हैं, विशेष रूप से यदि पहले के लोन का भुगतान अभी बाकी है। इसका मुख्य कारण है जोखिम का आकलन। जब किसी व्यक्ति पर पहले से ही कर्ज का बोझ है, तो बैंक यह मानता है कि अतिरिक्त वित्तीय दायित्व संभालना उनके लिए कठिन हो सकता है।
हालांकि, यह पूरी तरह से असंभव नहीं है। भारत में कई वित्तीय संस्थान हैं जो विशेष परिस्थितियों में मौजूदा लोन के साथ नए लोन को मंजूरी दे सकते हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए:
1. क्रेडिट प्रोफाइल का महत्व
आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL स्कोर) आपकी वित्तीय विश्वसनीयता का प्रमुख संकेतक है। 750 से अधिक का स्कोर आपको बैंकों की नज़र में एक विश्वसनीय उधारकर्ता बनाता है। यदि आपने अपने पहले लोन की ईएमआई नियमित रूप से चुकाई है और आपका क्रेडिट इतिहास अच्छा है, तो नया लोन प्राप्त करने की संभावना अधिक होती है।
लेकिन, यदि आप पहले के लोन में डिफॉल्ट हुए हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाएगा, जिससे नया लोन प्राप्त करना लगभग असंभव हो जाता है। इसलिए, अपने क्रेडिट स्कोर को बनाए रखना या सुधारना महत्वपूर्ण है।
2. आय-लोन अनुपात (आईएलआर)
बैंक आपकी मासिक आय और मौजूदा लोन ईएमआई के बीच अनुपात की जांच करते हैं। सामान्य नियम के अनुसार, आपकी कुल ईएमआई आपकी मासिक आय के 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आपके पास पहले से ही एक लोन है और आप दूसरे के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि दोनों लोन की कुल ईएमआई आपकी आय के 50% से अधिक न हो।
3. लोन के प्रकार और प्रयोजन
भिन्न-भिन्न प्रकार के लोन के लिए अलग-अलग मानदंड हो सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- होम लोन: यदि आपके पास पहले से ही एक होम लोन है, तो दूसरा होम लोन प्राप्त करना अधिक कठिन हो सकता है, क्योंकि यह एक बड़ी धनराशि होती है।
- पर्सनल लोन: ये अपेक्षाकृत छोटी राशि के होते हैं और मौजूदा लोन के बावजूद प्राप्त किए जा सकते हैं, यदि आपकी आय उच्च है और क्रेडिट स्कोर अच्छा है।
- वाहन लोन: बैंक सामान्यतः वाहन लोन को सुरक्षित मानते हैं, क्योंकि वाहन संपार्श्विक के रूप में काम करता है। इसलिए, अन्य लोन के साथ वाहन लोन प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
4. लोन का भुगतान इतिहास
बैंक आपके मौजूदा लोन के भुगतान इतिहास की जांच करेंगे। यदि आपने नियमित रूप से अपनी ईएमआई का भुगतान किया है और कोई चूक नहीं हुई है, तो बैंक आपको एक जिम्मेदार उधारकर्ता मानेंगे और नए लोन को मंजूरी देने की संभावना अधिक होगी।
यदि आप डिफॉल्टर हैं, तो क्या करें?
यदि आप अपने पहले लोन में डिफॉल्ट हुए हैं और आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो निराश न हों। यहां कुछ रणनीतियां हैं जो आपको नया लोन प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं:
1. क्रेडिट स्कोर में सुधार करें
- पहले लोन को चुकाने का प्रयास करें या बैंक से बातचीत करके पुनर्गठन की व्यवस्था करें।
- क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर चुकाएं और क्रेडिट लिमिट का 30% से कम उपयोग करें।
- नियमित रूप से अपने क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करें और किसी भी त्रुटि को सुधारें।
- क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में समय लगता है, इसलिए धैर्य रखें और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें।
2. छोटे लोन से शुरुआत करें
बड़े लोन के बजाय, छोटी धनराशि के लोन के लिए आवेदन करें। इससे बैंक को आप पर विश्वास करने और आपकी भुगतान क्षमता का आकलन करने का अवसर मिलेगा। एक बार जब आप छोटे लोन का नियमित भुगतान करके अपनी विश्वसनीयता साबित कर देते हैं, तो बड़े लोन के लिए आवेदन करना आसान हो जाता है।
3. आय में स्थिरता दिखाएं
नौकरी या व्यवसाय में स्थिरता बैंकों के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड है। यदि आप पिछले कुछ वर्षों से एक ही संगठन में कार्यरत हैं या आपका व्यवसाय स्थिर आय उत्पन्न कर रहा है, तो बैंक आपको लोन देने के लिए अधिक इच्छुक होगा। अपनी आय के प्रमाण के रूप में वेतन पर्ची, आयकर रिटर्न और बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करें।
4. सहायक बोर्रोवर या गारंटर का विकल्प
यदि आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो किसी ऐसे व्यक्ति को सहायक बोर्रोवर या गारंटर के रूप में शामिल करें जिसका क्रेडिट स्कोर अच्छा है। यह बैंक को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है और लोन मंजूरी की संभावना बढ़ाता है।
5. डिफॉल्ट के कारणों की स्पष्ट व्याख्या
बैंक आवेदन के दौरान, अपने पहले लोन में डिफॉल्ट के कारणों की स्पष्ट व्याख्या करें। यदि यह किसी अप्रत्याशित घटना जैसे स्वास्थ्य समस्या, रोजगार की हानि या पारिवारिक आपात स्थिति के कारण हुआ था, तो बैंक आपके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकता है।
विकल्प: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी)
यदि बैंक से लोन प्राप्त करना मुश्किल है, तो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का विकल्प देख सकते हैं। एनबीएफसी के मानदंड बैंकों की तुलना में अधिक लचीले होते हैं और वे अपेक्षाकृत कम क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्तियों को भी लोन प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि एनबीएफसी से लोन लेने पर ब्याज दर अधिक हो सकती है।
सावधानीपूर्वक आगे बढ़ें
हालांकि एक साथ कई लोन लेना संभव है, लेकिन इसमें जोखिम भी शामिल है। अपनी वित्तीय क्षमता का वास्तविक मूल्यांकन करें और यह सुनिश्चित करें कि आप सभी ईएमआई का नियमित भुगतान कर सकते हैं। याद रखें, अत्यधिक कर्ज आपकी वित्तीय स्थिति को और बिगाड़ सकता है और भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
वित्तीय स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, बजट बनाएं, अनावश्यक खर्चों को कम करें और आपातकालीन कोष स्थापित करें। लोन एक वित्तीय उपकरण है, न कि समाधान। इसका उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करें और अपनी वित्तीय भलाई को प्राथमिकता दें।
याद रखें, हर वित्तीय स्थिति अद्वितीय होती है, और इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले, अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित होगा।